महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जी
महात्मा गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जी
श्री लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी से सात मील दूर एक छोटे से रेलवे टाउन, मुगलसराय में हुआ था।
2 अक्तूबर 2021
आज दो महान व्यक्तियों
की जन्म जयन्ती है- लाल बहादुर शास्त्री जी और महात्मा गांधी जी दोनों महा पुरुषों
को कोटि-कोटि नमन 🌺🙏🙏
इस अवसर पर आज उनके बारे में कुछ स्मरण करते हैं-
लाल बहादुर शास्त्री जी
श्री लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी से सात मील दूर एक छोटे से रेलवे टाउन, मुगलसराय में हुआ था।
उनके पिता एक स्कूल शिक्षक थे।
उस छोटे-से शहर(मुगल सराय टाउन) में लाल बहादुर की स्कूली शिक्षा कुछ खास नहीं रही लेकिन गरीबी की मार पड़ने के बावजूद उनका बचपन पर्याप्त रूप से खुशहाल बीता।
1927 में उनकी शादी हो गई। उनकी पत्नी श्रीमती ललिता देवी जी थी जो मिर्जापुर से थीं।
वे 1951 में नई दिल्ली आ गए एवं केंद्रीय
मंत्रिमंडल के कई विभागों का प्रभार संभाला – रेल मंत्री; परिवहन एवं संचार मंत्री; वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री; गृह मंत्री एवं नेहरू जी की बीमारी के दौरान बिना विभाग के मंत्री रहे। उनकी प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही थी। एक रेल दुर्घटना, जिसमें कई लोग मारे गए थे, के लिए स्वयं को जिम्मेदार मानते हुए उन्होंने रेल मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। देश एवं संसद ने उनके इस अभूतपूर्व पहल को काफी सराहा।
तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित नेहरू ने इस घटना पर संसद में बोलते हुए लाल बहादुर
शास्त्री की ईमानदारी एवं उच्च आदर्शों की काफी तारीफ की। उन्होंने कहा कि उन्होंने
लाल बहादुर शास्त्री का इस्तीफा इसलिए नहीं स्वीकार किया है कि जो कुछ हुआ वे इसके लिए जिम्मेदार हैं बल्कि इसलिए स्वीकार किया है क्योंकि इससे संवैधानिक मर्यादा में एक मिसाल कायम होगी। रेल दुर्घटना पर लंबी बहस का जवाब देते हुए
लाल बहादुर शास्त्री ने कहा; “शायद मेरे लंबाई में छोटे होने एवं नम्र होने के कारण लोगों को लगता है कि मैं बहुत दृढ नहीं हो पा रहा हूँ। यद्यपि शारीरिक रूप से में मैं मजबूत नहीं है लेकिन मुझे लगता है कि मैं आंतरिक रूप से इतना कमजोर भी नहीं हूँ।”
तीस से अधिक वर्षों तक अपनी समर्पित सेवा के दौरान लाल बहादुर शास्त्री अपनी उदात्त निष्ठा एवं क्षमता के लिए लोगों के बीच प्रसिद्ध हो गए।
अपने गुरु महात्मा गाँधी के ही लहजे में एक बार उन्होंने कहा था – “मेहनत प्रार्थना करने के समान है।” महात्मा गांधी के समान विचार रखने वाले लाल बहादुर शास्त्री भारतीय संस्कृति की श्रेष्ठ
पहचान हैं।
आज आपकी जयन्ती पर कोटि-कोटि नमन् 🌺🙏🙏🙏🙏🙏🙏🌺
महात्मा गांधी जी
महात्मा गांधी जी का जन्म 2 अक्तूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था।
पिता का नाम करमचन्द गांधी था व माता पुतली बाई द्वारा उनका नाम मोहन दास रखा गया।
उनका पुरा नाम मोहन दास करमचंद गांधी है।
1883 में करीब 13 साल की उम्र में करीब छह महीने बड़ी कस्तूरबा से उनका ब्याह हो गया।
वे कानून की पढ़ाई करने और बैरिस्टर
बनने के लिए लंदन गए थे। उन्होंने लंदन में पढ़ाई करके बैरिस्टर की डिग्री प्राप्त
की थी। भारत वापस आने पर उन्हें देश की स्थिति ने काफी प्रभावित किया।
फरवरी 1919 में अंग्रेजों के बनाए रॉलेट एक्ट कानून पर, जिसके तहत किसी भी व्यक्ति को बिना मुकदमा चलाए जेल भेजने का प्रावधान था, उन्होंने अंग्रेजों का विरोध किया। फिर गांधी जी ने सत्याग्रह आंदोलन की घोषणा कर दी।
महात्मा गांधी ने भारतीय स्वतंत्रता के लिए किए जाने वाले अन्य अभियानों में सत्याग्रह और अहिंसा के विरोध जारी रखे, जैसे कि 'असहयोग आंदोलन', 'नागरिक अवज्ञा आंदोलन', 'दांडी यात्रा' तथा 'भारत छोड़ो आंदोलन'।
गांधी जी व अन्य क्रांतिकारी वीरों के इन सारे प्रयासों से भारत को 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता मिल गई।
महात्मा गांधी की 30 जनवरी, 1948
को नई दिल्ली के बिड़ला भवन में नाथूराम गोडसे द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई।
महात्मा गांधी के पूर्व भी शांति और अहिंसा की के बारे में लोग जानते थे, परंतु उन्होंने जिस प्रकार सत्याग्रह, शांति व अहिंसा के रास्तों पर चलते हुए अंग्रेजों
को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया, उसका कोई दूसरा उदाहरण विश्व इतिहास में देखने को नहीं मिलता।
उनकी यह यात्रा अहिंसा आंदोलन से लेकर उनके राष्ट्रपिता बनने तक, और उनके जीवन पर्यंत चलती रही...।
आज आपकी जयन्ती पर कोटि-कोटि नमन्
🌺🙏🙏🙏🙏🙏🙏🌺
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